ITR Form 5 AY 2025-26 में हुए नए बदलावों को जानें, जैसे Capital Gain रिपोर्टिंग में बदलाव, शेयर बायबैक पर कैपिटल लॉस की अनुमति, TDS सेक्शन कोड, और किन करदाताओं को इसे भरना आवश्यक है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए नया ITR Form 5 AY 2025-26 नोटिफाई कर दिया है। इस बार फॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं जो खासतौर पर उन करदाताओं के लिए जरूरी हैं जो पार्टनरशिप फर्म, LLP या ट्रस्ट जैसे संस्थानों के लिए टैक्स रिटर्न भरते हैं।
इस साल ITR Form 5 AY 2025-26 में क्या बदला है?

इस बार ITR Form 5 AY 2025-26 में सबसे बड़ा बदलाव Schedule-Capital Gain को लेकर किया गया है। अब करदाताओं को 23 जुलाई 2024 से पहले और उसके बाद हुए पूंजीगत लाभ (Capital Gain) को अलग-अलग रिपोर्ट करना होगा। इससे टैक्स डिपार्टमेंट को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि किस अवधि में कितना लाभ हुआ है।
शेयर बायबैक पर कैपिटल लॉस की अनुमति
एक और अहम बदलाव यह है कि यदि आपने शेयर बायबैक से नुकसान उठाया है, और उसी पर मिलने वाला डिविडेंड “अन्य स्रोतों से आय” के तहत दिखाया गया है (1 अक्टूबर 2024 के बाद), तो ऐसे कैपिटल लॉस को स्वीकार किया जाएगा। यह नियम उन निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्होंने हाल ही में शेयर बायबैक का सामना किया है।
सेक्शन 44BBC और क्रूज़ बिज़नेस

नए फॉर्म में सेक्शन 44BBC को भी शामिल किया गया है, जो कि विशेष तौर पर क्रूज़ बिज़नेस के लिए बनाया गया एक अनुमानित कराधान (Presumptive Taxation) नियम है। इससे इस सेक्टर के व्यवसायियों को सरलता से टैक्स भरने में मदद मिलेगी।
Schedule-TDS में सेक्शन कोड देना जरूरी
अब करदाता को अपने रिटर्न में Schedule-TDS के तहत सही TDS सेक्शन कोड भरना अनिवार्य होगा। इससे टैक्स डिपार्टमेंट को TDS की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और गलत श्रेणी में दाखिल किए गए TDS को रोका जा सकेगा।
कब भरना है नया फॉर्म?
यह नया फॉर्म उन लोगों के लिए है जो फाइनेंशियल ईयर 2024-25 (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक) की कमाई का रिटर्न असेसमेंट ईयर 2025-26 में भरना चाहते हैं। इससे पहले ITR-1 (SAHAJ) और ITR-4 फॉर्म भी नोटिफाई किए जा चुके हैं।
LTCG और ITR-1 फॉर्म
अब ITR-1 (SAHAJ) फॉर्म में Section 112A के अंतर्गत घोषित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) को भी दिखाया जा सकता है, बशर्ते कि वह 1.25 लाख रुपये से अधिक न हो और कोई पूंजीगत हानि (Capital Loss) आगे कैरी फॉरवर्ड करने की स्थिति में न हो।
फॉर्म 10-IEA और नया टैक्स सिस्टम
अगर आपने पिछले वर्ष (AY 2024-25) में नया टैक्स रेजीम छोड़ दिया था, तो अब आपको बताना होगा कि आप उसे जारी रखना चाहते हैं या नहीं। और अगर पहली बार आप इस बार (AY 2025-26) में नया टैक्स रेजीम छोड़ रहे हैं, तो Form 10-IEA की जानकारी देना अनिवार्य होगा। लेट फाइलिंग की स्थिति में भी स्पष्टीकरण जरूरी होगा।
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