भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और Niftyने गुरुवार को हल्की बढ़त के साथ शुरुआत की। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में स्थिरता बनी रही। सुबह 9:26 बजे सेंसेक्स 25 अंकों की बढ़त के साथ 80,772 पर था, जबकि निफ्टी 3 अंक गिरकर 24,410 पर कारोबार कर रहा था।
लार्जकैप और मिडकैप स्टॉक्स में खरीदारी
बाजार में लार्जकैप और मिडकैप स्टॉक्स में खरीदारी देखी गई। Nifty मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंकों या 0.30% की बढ़त के साथ 54,445 पर था, वहीं Nifty स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 132 अंकों या 0.81% की बढ़त के साथ 16,550 पर कारोबार कर रहा था।
कौन से सेक्टर्स रहे आगे?
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, IT, PSU बैंक, फिन सर्विस, मीडिया, एनर्जी और प्राइवेट बैंक सेक्टर में अच्छी बढ़त देखी गई। वहीं, फार्मा, FMCG, मेटल, रियल्टी और इंफ्रा सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
एशियाई बाजारों से मिला सपोर्ट

विश्लेषकों के अनुसार, एशियाई बाजारों में तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है। अमेरिकी बाजारों में रातभर हुई बढ़त के कारण एशियाई शेयर भी हरे निशान में खुले, जिसका सकारात्मक असर घरेलू बाजारों पर पड़ा। इसके अलावा, भारत-पाकिस्तान तनाव के बावजूद बाजार में स्थिरता बनी रही।
विशेषज्ञों की राय
Mehta Equities के सीनियर वीपी (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने कहा, “हालांकि, बाजार फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के बाद जेरोम पॉवेल के उच्च शुल्क वाले बयान पर प्रतिक्रिया देगा।”
टॉप गेनर्स और लूजर्स
टॉप गेनर्स: टाटा मोटर्स, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड, एक्सिस बैंक, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, HCL टेक, बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, SBI और टेक महिंद्रा।
टॉप लूजर्स: इटरनल, ITC, मारुति सुजुकी, HDFC बैंक, टाटा स्टील, सन फार्मा और ICICI बैंक।
आगामी ट्रेड की संभावनाएँ
प्रशांत तापसे ने यह भी कहा, “बाजार को उम्मीद है कि इस वीकेंड में अमेरिका और चीन के बीच होने वाली व्यापारिक बातचीत से सकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं। तकनीकी तौर पर, निफ्टी का सबसे बड़ा सपोर्ट स्तर 24,171 के पास देखा जा रहा है।”
एशियाई बाजारों की चाल

ज्यादातर एशियाई बाजारों में हल्की बढ़त देखी गई। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और सियोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि बैंकॉक और जकार्ता में गिरावट देखी गई।
अमेरिकी बाजारों का असर
अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में मजबूती देखी गई। डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ एजेंडा में नरमी की उम्मीद से बाजारों में बढ़त दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प जल्द ही ब्रिटेन के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं।
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